अन्य ग्रहों की सुगम यात्रा (Anya Grahon Ki Sugam Yatra)
Author: कृष्णकृपामूर्ती श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
Description
ऐसा कहा गया है कि, पूर्ण योगी, मृत्यु के समय अपना शरीर छोड़कर, मन की गति से, भौतिक ब्रह्माण्ड की सीमाओं के पार, अतिदूर के प्रतिपदार्थमय ग्रहों तक यात्रा कर सकता है। सूक्ष्म आध्यात्मिक शक्ति का उपयोग कर आप दूसरे लोकों तक यात्रा करके श्रीभगवान् की शक्ति का चमत्कार देख सकते हैं। अथवा यदि आप चाहे, तो आप भौतिक सृष्टि के परे, श्रीकृष्ण के साथ, अपने नित्य घर की यात्रा भी कर सकते हैं।
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