राजविद्या (Raja Vidyaa)
Author: कृष्णकृपामूर्ती श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद
Description
आप कैसे जान सकते हैं कि कौन सा ज्ञान अन्य से सर्वोत्कृष्ट हैं? यदि आप सच्चे मन से दिव्य विषयों में जिज्ञासा करना चाहते हैं, तो आपको इस ग्रन्थ में उत्तर मिलेगा। गुप्त में भी सबसे गुप्त विषय में प्रवेश कीजिये और इस ग्रन्थ में सर्व ज्ञान के राजा को प्राप्त कीजिये और इस संसार की मर्यादाओं के आगे क्या है, उसके प्रति आपके मन तथा हृदय को खुला कीजिये।
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